निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में लिखिए : (i) श्वेतकेतुः कः आसीत् ? (ii) पुरुराजः केन सह युद्धम् अकरोत् ? (iii) चन्द्रशेखरः स्वनाम किम् अवदत् ? (iv) भूमेः गुरुतरं किम् अस्ति ?
छात्रावास की जीवन-शैली विषय पर अपने मित्र को पत्र लिखिए । अथवा विद्यालय में खेल-कूद की सामग्री की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रधानाचार्य को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए ।
अपनी पाठ्य-पुस्तक के संस्कृत खण्ड की पाठ्यवस्तु से कण्ठस्थ कोई एक श्लोक लिखिए जो इस प्रश्न-पत्र में न आया हो ।
निम्नलिखित कवियों में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए : (i) सूरदास (ii) मैथिलीशरण गुप्त (iii) महादेवी वर्मा
निम्नलिखित लेखकों में से किसी एक का जीवन-परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए : (i) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद (ii) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (iii) भगवतशरण उपाध्याय
'मेवाड़ मुकुट' खण्डकाव्य के 'अरावली' सर्ग का कथानक संक्षेप में लिखिए ।
'मेवाड़ मुकुट' खण्डकाव्य के आधार पर राणा प्रताप का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
'मातृ-भूमि के लिए' खण्डकाव्य के आधार पर 'चन्द्रशेखर आज़ाद' का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
'मातृ-भूमि के लिए' खण्डकाव्य के द्वितीय सर्ग की कथावस्तु लिखिए ।
'जय सुभाष' खण्डकाव्य के द्वितीय सर्ग की कथावस्तु लिखिए ।
'जय सुभाष' खण्डकाव्य के आधार पर सुभाषचन्द्र बोस की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।
'अग्रपूजा' खण्डकाव्य के 'आयोजन' सर्ग की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए ।
'अग्रपूजा' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
'ज्योति जवाहर' खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए ।
'ज्योति जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर जवाहर लाल नेहरू की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के तृतीय सर्ग 'कौशल्या-सुमित्रा-मिलन' की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए ।
'तुमुल' खण्डकाव्य के 'युद्धासन्न सौमित्रि' सर्ग का कथानक लिखिए ।
'तुमुल' खण्डकाव्य के आधार पर 'मेघनाद' की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।
'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर कुन्ती का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
'कर्ण' खण्डकाव्य की सबसे प्रभावशाली घटना का वर्णन कीजिए ।
'मुक्तिदूत' खण्डकाव्य के द्वितीय सर्ग का कथानक संक्षेप में लिखिए ।
'मुक्तिदूत' खण्डकाव्य के आधार पर महात्मा गाँधी का चरित्र-चित्रण कीजिए ।
कोकिल ! यापय दिवसान् तावद् विरसान् करीलविटपेषु । यावन्मिलदलिमालः कोऽपि रसालः समुल्लसति ।। उपर्युक्त श्लोक का सन्दर्भ-सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए ।
धान्यानाम् उत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम् । लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा ।। उपर्युक्त श्लोक का सन्दर्भ-सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए ।