संस्कृत में अनुवाद कीजिए :सीता गीत गाएगी ।
वाच्य परिवर्तन कीजिए : सा हसति । ( भाववाच्य में )
वाच्य परिवर्तन कीजिए : बालकः चन्द्रं पश्यति । ( कर्मवाच्य में )
वाच्य परिवर्तन कीजिए : बालकः गृहम् गतवान् । ( कर्मवाच्य में )
पद में प्रत्यय लिखिए :हसितुम् ।
पद में प्रत्यय लिखिए :गत्वा
पद में प्रत्यय लिखिए :श्रुतवान्
पद में प्रत्यय लिखिए :चटका
पद में नियमनिर्देशपूर्वक विभक्ति का नाम लिखिए : गुरुः शिष्यं प्रश्नं पृच्छति ।
पद में नियमनिर्देशपूर्वक विभक्ति का नाम लिखिए : बालकः कानपुर नगरे निवसति ।
पद में नियमनिर्देशपूर्वक विभक्ति का नाम लिखिए : सः नेत्रेण काणः अस्ति ।
प्रश्न का उत्तर संस्कृत में लिखिए : सिखधर्मस्य दशमो गुरुः कः आसीत् ?
प्रश्न का उत्तर संस्कृत में लिखिए : कः राजानं सातवाहनं विद्यायुक्तं चकार ?
प्रश्न का उत्तर संस्कृत में लिखिए : अध्यापकः आफताबं कस्य चरित विषये प्रश्नं अपृच्छत् ?
पात्र का चरित्र-चित्रण हिन्दी में लिखिए : 'वयं भारतीयाः' पाठ के आधार पर दीपक का ।
पात्र का चरित्र-चित्रण हिन्दी में लिखिए : 'यौतुकं पापसञ्चयः' पाठ के आधार पर विनय का ।
पात्र का चरित्र-चित्रण हिन्दी में लिखिए : 'कारूणिको जीमूतवाहनः' पाठ के आधार पर जीमूतकेतु का ।
श्लोक का अर्थ संस्कृत में लिखिए : पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि जलमन्नं सुभाषितम् । मूढैः पाषाणखण्डेषु रत्नसंज्ञा विधीयते ।।
श्लोक का अर्थ संस्कृत में लिखिए : ब्राह्मे मुहूर्ते बुध्येत, धर्मार्थौ चानुचिन्तयेत् । कायक्लेशाँश्च तन्मूलान् वेदतत्वार्थमेव च ।।
हिन्दी में व्याख्या कीजिए :मरणान्तं हि जीवितम् ।
हिन्दी में व्याख्या कीजिए :समत्वं योग उच्यते ।
हिन्दी में व्याख्या कीजिए : मूढैः पाषाणखण्डेषु रत्नसंज्ञा विधीयते ।
श्लोक की हिन्दी में व्याख्या कीजिए : अभिवादनशीलस्य, नित्यं वृद्धोपसेविनः । चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशोबलम् ।।
श्लोक की हिन्दी में व्याख्या कीजिए : श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः । ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति ।।
निम्नलिखित पाठों में से किसी एक पाठ का सारांश हिन्दी में लिखिए : (क) लोकमान्यः तिलकः (ख) गुरुनानकदेवः (ग) दीनबन्धुः ज्योतिबाफूले ।