Comprehension

निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए : चरन-कमल बंदौं हरि राइ । जाकी कृपा पंगु गिरि लंधै, अन्धे को सब कछु दरसाई । बहिरौ सुनै गूँग पुनि बोलै, रंक चलै सिर छत्र धराइ । सूरदास स्वामी करुनामय, बार-बार बन्दौं तिहि पाइ ।। 
 

Question: 1

उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए ।

Show Hint

संदर्भ लिखते समय कवि का नाम, कविता का शीर्षक और काव्य-ग्रंथ (यदि ज्ञात हो) का उल्लेख अवश्य करें। प्रसंग में पद का केंद्रीय भाव लिखने से उत्तर और भी प्रभावशाली हो जाता है।
Updated On: Nov 11, 2025
Hide Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक में संकलित भक्तिकाल की कृष्ण-भक्ति शाखा के शिरोमणि कवि सूरदास द्वारा रचित 'पद' शीर्षक से उद्धृत है। यह पद उनके महाकाव्य 'सूरसागर' का एक अंश है। इसमें कवि ने अपने आराध्य श्री कृष्ण के चरणों की महिमा का गुणगान करते हुए उनके प्रति अपनी भक्ति-भावना को व्यक्त किया है।
Was this answer helpful?
0
0
Question: 2

रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए ।

Show Hint

व्याख्या करते समय, प्रत्येक पंक्ति के भाव को स्पष्ट करें। कवि की भक्ति-भावना और ईश्वर की महिमा के अतिशयोक्तिपूर्ण वर्णन को उजागर करना व्याख्या को और भी सुंदर बना देगा।
Updated On: Nov 11, 2025
Hide Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

व्याख्या: महाकवि सूरदास जी अपने आराध्य श्री कृष्ण की कृपा का वर्णन करते हुए कहते हैं कि जिनकी कृपा से बहरा व्यक्ति सुनने लगता है और गूँगा व्यक्ति फिर से बोलने लगता है। जिनकी कृपा हो जाने पर अत्यन्त निर्धन (रंक) व्यक्ति भी राजा के समान अपने सिर पर छत्र धारण करके चलने लगता है, अर्थात् उसे राजसी वैभव प्राप्त हो जाता है। सूरदास जी कहते हैं कि मेरे स्वामी श्री कृष्ण इतने दयालु हैं कि मैं उनके चरणों की बार-बार वन्दना करता हूँ। उनकी कृपा से असम्भव से असम्भव कार्य भी सम्भव हो जाता है।
Was this answer helpful?
0
0
Question: 3

“बार-बार बन्दौं तिहिं पाइ ।” पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?

Show Hint

जब एक ही शब्द दो या अधिक बार आए और हर बार उसका अर्थ समान हो, तो वह पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार होता है। यदि अर्थ अलग-अलग होता, तो यमक अलंकार होता।
Updated On: Nov 11, 2025
Hide Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

"बार-बार बन्दौं तिहिं पाइ" पंक्ति में दो अलंकार हैं:
पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार: जहाँ एक ही शब्द की आवृत्ति एक ही अर्थ में हो, वहाँ पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार होता है। यहाँ 'बार-बार' शब्द की आवृत्ति हुई है और दोनों बार उसका अर्थ 'फिर-फिर' या 'अनेक बार' ही है, अतः यहाँ पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।
अनुप्रास अलंकार: 'बन्दौं' और 'बार-बार' में 'ब' वर्ण की आवृत्ति के कारण यहाँ अनुप्रास अलंकार भी है।
मुख्य रूप से इस पंक्ति में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।
Was this answer helpful?
0
0

Top Questions on पद्यांश की व्याख्या

View More Questions