मनोरमा कहानी की एक प्रमुख पात्र है। वह एक सुंदर, संवेदनशील और भावुक युवती है, जो जीवन की कठिनाइयों से जूझ रही है।
मनोरमा आर्थिक और सामाजिक संकट से ग्रस्त थी। वह गरीबी और विपरीत परिस्थितियों में जीवन बसर कर रही थी। उसके सामने कई समस्याएँ थीं, जिनसे निकलने के लिए वह किसी सहारे की तलाश में थी।
मनोरमा रामनिलाल से आर्थिक सहायता चाहती थी। वह चाहती थी कि रामनिलाल उसकी मदद करें ताकि वह अपनी समस्याओं से उबर सके। हो सकता है कि वह रामनिलाल से कर्ज या अन्य प्रकार की वित्तीय सहायता की अपेक्षा रखती हो। उसने रामनिलाल को बुलाकर अपनी व्यथा सुनानी चाही थी और उनसे सहानुभूति और मदद की आशा की थी।