'सिंधु' शब्द का अर्थ समुद्र या सागर होता है। यह विशाल जलराशि को दर्शाता है।
इसके संदर्भ में कवि ने कहा है कि ऊँचे हिमालय के नीचे चरण तले अथाह सागर पड़ा है। कवि ने 'सिंधु' शब्द का प्रयोग करते हुए भारत की भौगोलिक स्थिति का वर्णन किया है - उत्तर में ऊँचा हिमालय और दक्षिण में विशाल सागर। यह भारत की प्राकृतिक सीमाओं को दर्शाता है।
हिमालय और सागर के इस मिलन से भारतभूमि की सुरक्षा और सुंदरता में वृद्धि होती है। कवि ने इन दोनों को भारत की अमूल्य धरोहर बताया है।