Question:

‘सरोज स्मृति’ कवि का एक शोक गीत है। तर्कपूर्ण उत्तर से सिद्ध कीजिए। 
 

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शोकगीत की परिभाषा केवल विलाप नहीं, भावनात्मक पीड़ा को विवेकपूर्ण रूप में प्रस्तुत करना होता है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘सरोज स्मृति’ मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित एक मार्मिक रचना है जो कवि की पुत्री सरोज की असामयिक मृत्यु पर लिखी गई है। यह रचना हिंदी काव्य परंपरा में एक अद्वितीय शोकगीत मानी जाती है।
इस रचना में कवि अपने आत्मिक दुःख को वैयक्तिक भावनाओं तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे जीवन-दर्शन, भाग्यवाद, कर्मवाद और आत्मनियंत्रण जैसे तत्वों से जोड़कर सार्वभौमिक बना देते हैं। कवि का दुःख गहरा है, लेकिन वह विलाप नहीं करता — वह आत्मसंवाद करता है, विवेचना करता है।
‘शोक गीत’ होते हुए भी यह रचना केवल आँसू नहीं बहाती, बल्कि पाठक को भी मृत्यु और जीवन के संबंध में सोचने को विवश करती है। कवि कहते हैं — “बेटी तुम बहुत दिनों तक जीवित रह न सकी / परंतु क्या किसी प्रकार कम जीवित रही?” — यह पंक्ति दर्शाती है कि सरोज का अस्तित्व कवि की चेतना और कर्म में जीवित है।
इसलिए यह रचना एक शोकगीत है जो करुणा, दर्शन और कर्तव्यबोध के साथ जुड़ी हुई है।
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