दिए गए संस्कृत गद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।
दिए गए संस्कृत पद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए।
'मुक्ति-दूत' खण्डकाव्य के आधार पर नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
'मुक्ति-दूत' खण्डकाव्य के द्वितीय सर्ग का कथानक अपने शब्दों में लिखिए।
'ज्योति जवाहर' खण्डकाव्य के आधार पर नायक का चरित्र चित्रण कीजिए।
'ज्योति जवाहर' खण्डकाव्य की ऐसी घटना का उल्लेख कीजिए जिसने आपको सर्वाधिक प्रभावित किया हो और क्यों।
'मेवाड़-मुकुट' खण्डकाव्य के आधार पर किसी नारी पात्र की चारित्रिक विशेषताओं को लिखिए।
'मेवाड़-मुकुट' खण्डकाव्य के आधार पर किसी प्रमुख घटना का उल्लेख कीजिए जिसने आपको प्रभावित किया हो।
'अग्निपूजा' खण्डकाव्य के आधार पर युधिष्ठिर के चरित्र की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
'अग्निपूजा' खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
'जय सुभाष' खण्डकाव्य के आधार पर सुभाषचन्द्र बोस के प्रारम्भिक जीवन (विद्यार्थी व बाल जीवन) पर प्रकाश डालिए।
'जय सुभाष' खण्डकाव्य के पाँचवें सर्ग का कथानक अपने शब्दों में लिखिए।
'मातृभूमि के लिए' खण्डकाव्य की किसी एक प्रमुख घटना का वर्णन कीजिए।
'मातृभूमि के लिए' खण्डकाव्य के आधार पर चन्द्रशेखर 'आज़ाद' का चरित्र-चित्रण कीजिए।
'कर्ण' खण्डकाव्य के आधार पर प्रमुख नारी पात्र कुन्ती का चरित्र-चित्रण कीजिए।
'कर्ण' खण्डकाव्य के 'चतुर्थ सर्ग' की कथा अपने शब्दों में लिखिए।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के मुख्य पात्र की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के 'चतुर्थ सर्ग' की कथावस्तु अपने शब्दों में लिखिए।
'तुमुल' खण्डकाव्य की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
'तुमुल' खण्डकाव्य के नायक का चरित्र-चित्रण कीजिए।
दिए गए लेखकों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए।
(i) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (ii) भगवतशरण उपाध्याय (iii) डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद
दिए गए कवियों में से किसी एक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए।
(i) महाकवि सूरदास (ii) महादेवी वर्मा (iii) सुमित्रानन्दन पन्त
अपनी पाठ्य-पुस्तक में से कण्ठस्थ कोई एक श्लोक लिखिए जो इस प्रश्न-पत्र में न आया हो।