Question:

'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य के मुख्य पात्र की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

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चरित्र संबंधी प्रश्नों में नायक के गुणों को बिंदुवार स्पष्ट और संक्षेप में लिखना सबसे उचित होता है।
Updated On: Oct 28, 2025
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Solution and Explanation

'कर्मवीर भरत' खण्डकाव्य का मुख्य पात्र भरत है। कवि ने उनके चरित्र को अत्यंत आदर्श और प्रेरणादायक रूप में प्रस्तुत किया है।
1. कर्तव्यनिष्ठा: भरत ने सदैव धर्म और कर्तव्य को सर्वोपरि माना। वे राज्य को व्यक्तिगत सुख से अधिक महत्व देते हैं।
2. निष्काम भाव: उन्होंने सिंहासन के प्रति कोई लोभ नहीं दिखाया। राम के स्थान पर वे स्वयं राजा नहीं बने।
3. त्यागी स्वभाव: उन्होंने राम की खड़ाऊँ को सिंहासन पर रखकर स्वयं राज्य संचालन किया। यह उनके त्याग और समर्पण का प्रतीक है।
4. भ्रातृभक्ति: भरत का जीवन राम के प्रति अटूट प्रेम और निष्ठा का उदाहरण है। उन्होंने अपने जीवन को भाई की सेवा में समर्पित कर दिया।
इस प्रकार भरत का चरित्र त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और भ्रातृभक्ति का अद्वितीय प्रतीक है।
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