Question:

कविता और फूल दोनों के महकने को समान मानते हुए भी कवि ने यह क्यों कहा है कि ‘कविता का खिलना फूल क्या जाने’। ‘कविता के बहाने’ पाठ के आधार पर लिखिए। 
 

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कविता केवल सौंदर्य का अनुभव नहीं, बल्कि विचार, अनुभूति और आत्मबोध का सशक्त माध्यम होती है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘कविता के बहाने’ पाठ में कवि यह कहता है कि यद्यपि कविता और फूल दोनों की सुगंध होती है, लेकिन कविता की महक आत्मा की गहराई से उत्पन्न होती है।
फूल की महक भौतिक होती है — वह सुगंधित होती है, मन को आनंद देती है, परंतु उसमें आत्मीयता, अनुभूति और संवेदनाओं की जटिलता नहीं होती। वहीं, कविता की महक केवल बाह्य नहीं, बल्कि अंतरतम की अनुभूति होती है।
इसलिए कवि कहता है — ‘कविता का खिलना फूल क्या जाने’ — अर्थात् कविता की रचना प्रक्रिया, उसके भाव, पीड़ा, चिंतन और आत्म-संघर्ष को केवल वही जान सकता है जिसने उसे रचा है। फूल तो केवल एक प्रतीक है, पर कविता जीवन की सूक्ष्मताओं को समेटने वाला माध्यम है।
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