Question:

‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ पाठ से उद्धृत कथन ‘दासता केवल कानूनी पराधीनता ही नहीं है’ – का आशय स्पष्ट कीजिए। 
 

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ऐसे गूढ़ विचारों वाले प्रश्नों में सामाजिक संदर्भ और लेखक की मंशा को अवश्य स्पष्ट करें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

इस कथन का आशय यह है कि दासता केवल बाहरी या राजनीतिक रूप से गुलामी तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी हो सकती है।
‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ पाठ में डॉ. अम्बेडकर यह स्पष्ट करते हैं कि जब किसी समुदाय को जन्म के आधार पर किसी विशेष श्रम या व्यवसाय तक सीमित कर दिया जाता है,
तो यह व्यवस्था सामाजिक गुलामी को जन्म देती है।
यह एक ऐसी मानसिक पराधीनता है जहाँ व्यक्ति अपनी अस्मिता, अधिकार और विकास की संभावनाओं से वंचित हो जाता है।
इसलिए दासता का तात्पर्य केवल कानून द्वारा बनाई गई गुलामी से नहीं, बल्कि सामाजिक-मानसिक जंजीरों से भी है।
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