Question:

शिरिष और कबीर दोनों को हज़ारीप्रसाद द्विवेदी जी ने एक ही श्रेणी में किस आधार पर रखा है? स्पष्ट कीजिए। 
 

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प्रश्न यदि प्रतीकात्मक तुलनाओं पर आधारित हो, तो उत्तर में दोनों पक्षों की समान विशेषताएँ विस्तार से लिखें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

हज़ारीप्रसाद द्विवेदी जी ने ‘शिरिष के फूल’ पाठ में शिरिष वृक्ष और संत कबीर को समान श्रेणी में इसीलिए रखा है क्योंकि दोनों ही अपनी विनम्रता, सहजता और आंतरिक शक्ति के प्रतीक हैं।
शिरिष फूल अत्यंत कोमल होता है, लेकिन उसमें भीषण तूफ़ानों को झेलने की शक्ति होती है — वह टूटता नहीं, झुकता है। इसी प्रकार संत कबीर ने भी सामाजिक बुराइयों और रूढ़ियों के विरुद्ध अपने विचारों को निर्भीकता से प्रस्तुत किया, परन्तु विनम्रता और तर्क के साथ।
द्विवेदी जी के अनुसार, जिस प्रकार शिरिष में कोमलता और शक्ति का संगम है, उसी प्रकार कबीर की वाणी में करुणा और क्रांति दोनों का संतुलन है।
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