Question:

रेडियो नाटक और रंगमंच पर खेले जाने वाले नाटक में क्या अंतर है ?

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माध्यम के अनुसार प्रस्तुति की शैली और तकनीक का विवेचन करें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

रेडियो नाटक और रंगमंचीय नाटक दोनों ही नाट्य विधाएँ हैं, लेकिन उनके माध्यम, प्रस्तुति और संप्रेषण शैली में स्पष्ट अंतर होता है:
रेडियो नाटक:
- यह एक श्रव्य माध्यम है, जिसमें श्रोता केवल संवाद, ध्वनि और संगीत के माध्यम से दृश्य की कल्पना करता है।
- इसमें अभिनय दृश्य रूप में नहीं दिखता, बल्कि आवाज़, संवाद और ध्वनि प्रभाव द्वारा पात्र और घटनाएँ व्यक्त होती हैं।
- पात्रों की संख्या, ध्वनियों की विविधता और भाषा की स्पष्टता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
रंगमंचीय नाटक:
- यह एक दृश्य और श्रव्य दोनों माध्यम है। दर्शक पात्रों को मंच पर देखते और उनकी भाव-भंगिमाओं को समझते हैं।
- इसमें वेशभूषा, मंच सज्जा, प्रकाश प्रभाव और अभिनय प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
इस प्रकार, रेडियो नाटक में कल्पना पर बल होता है जबकि रंगमंच में दृश्य अनुभव प्रभावी होता है।
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