'मुक्तिदूत' खंडकाव्य के नायक महात्मा गांधी का चरित्र अद्भुत और प्रेरणादायी है। वे ऐसे पुरुष थे जिन्होंने अपने जीवन को सत्य, अहिंसा और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया। कवि ने उनके चरित्र की निम्नलिखित विशेषताएँ बताई हैं —
1. सत्यनिष्ठा: गांधीजी का जीवन पूर्णतः सत्य पर आधारित था। वे कहते थे — "सत्य ही ईश्वर है।" उन्होंने कभी असत्य का सहारा नहीं लिया।
2. अहिंसा के उपासक: गांधीजी ने हिंसा का सख्त विरोध किया और अहिंसा को मानवता की सर्वोच्च शक्ति माना। उनके अनुसार, "अहिंसा ही सच्चा बल है।"
3. त्याग और सेवा: उन्होंने अपने सुख-सुविधाओं का त्याग कर जन-सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया। वे स्वयं सादगीपूर्ण जीवन जीते थे और दूसरों को भी वैसा ही जीवन जीने की प्रेरणा देते थे।
4. धैर्य और सहनशीलता: गांधीजी विपरीत परिस्थितियों में भी शांत और संयमित रहे। उनका धैर्य और मानसिक शक्ति उन्हें असाधारण बनाती है।
निष्कर्ष:
महात्मा गांधी का चरित्र सादगी, त्याग, सत्य, और अहिंसा का संगम है। कवि नरेश मेहता ने उन्हें केवल भारत का नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता का मुक्तिदूत कहा है।