'माँ मंगु की श्रेणी में क्यों मिल गई? कहानी कला की दृष्टि से कहानी का अंत कैसा है? लिखें।'
माँ मंगु की श्रेणी में इसलिए मिल गई क्योंकि उसने अपने जीवन को समाज और परिवार के लिए समर्पित कर दिया था। कहानी कला की दृष्टि से इसका अंत यथार्थवादी और संवेदनशील है, जो पाठक को भावनात्मक रूप से स्पर्श करता है।
Final Answer:
माँ का मंगु की श्रेणी में मिलना त्याग और समर्पण का प्रतीक है, और कहानी का अंत यथार्थवादी व प्रभावशाली है।
‘बाज़ार में कभी–कभी आवश्यकता ही शोषण का रूप धारण कर लेती है।’ — इस कथन को उदाहरण सहित ‘बाज़ार–दर्शन’ पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।
'यह दंतुरित मुस्कान' कविता में शिशु से मिलकर कवि को कैसी अनुभूति होती है ?
'संगतकार' कविता के माध्यम से कवि ने किस सत्य को उजागर किया है ?
किशोरों में बढ़ती स्क्रीन लत — इस विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए।
यशोधर बाबू की पत्नी मुख्यतः पुराने संस्कारों वाली थी, फिर किन कारणों से वह आधुनिक बन गई ? उसके इस आचरण पर यशोधर बाबू की क्या प्रतिक्रिया थी ?