'माँ मंगु की श्रेणी में क्यों मिल गई? कहानी कला की दृष्टि से कहानी का अंत कैसा है? लिखें।'
माँ मंगु की श्रेणी में इसलिए मिल गई क्योंकि उसने अपने जीवन को समाज और परिवार के लिए समर्पित कर दिया था। कहानी कला की दृष्टि से इसका अंत यथार्थवादी और संवेदनशील है, जो पाठक को भावनात्मक रूप से स्पर्श करता है।
Final Answer:
माँ का मंगु की श्रेणी में मिलना त्याग और समर्पण का प्रतीक है, और कहानी का अंत यथार्थवादी व प्रभावशाली है।
‘बाज़ार में कभी–कभी आवश्यकता ही शोषण का रूप धारण कर लेती है।’ — इस कथन को उदाहरण सहित ‘बाज़ार–दर्शन’ पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।
यशोधर बाबू की पत्नी मुख्यतः पुराने संस्कारों वाली थी, फिर किन कारणों से वह आधुनिक बन गई ? उसके इस आचरण पर यशोधर बाबू की क्या प्रतिक्रिया थी ?
‘जूझ’ कहानी प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच संघर्ष की कहानी है।” सिद्ध कीजिए।
खुदाई में मिले लगभग सात सौ कुओं, महाकुंड, पक्की ढकी नालियों की समुचित व्यवस्था के आधार पर सिंधु घाटी सभ्यता के विषय में क्या धारणा बनती है ? स्पष्ट कीजिए।
संवाददाता और विशेष संवाददाता में क्या अंतर है ?