'कवि सुमित्रानंदन पंत की दृष्टि में आज भारतमाता का तप-संयम क्यों सफल है? लिखें।'
सुमित्रानंदन पंत के अनुसार भारतमाता का तप-संयम आज इसलिए सफल है क्योंकि भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त कर अपनी पहचान और संस्कृति को पुनः स्थापित किया है। यह त्याग, धैर्य और संघर्ष का परिणाम है।
Final Answer:
भारतमाता का तप-संयम सफल है क्योंकि स्वतंत्रता के साथ ही उसकी साधना और संघर्ष ने फल दिया है।
‘बाज़ार में कभी–कभी आवश्यकता ही शोषण का रूप धारण कर लेती है।’ — इस कथन को उदाहरण सहित ‘बाज़ार–दर्शन’ पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।
यशोधर बाबू की पत्नी मुख्यतः पुराने संस्कारों वाली थी, फिर किन कारणों से वह आधुनिक बन गई ? उसके इस आचरण पर यशोधर बाबू की क्या प्रतिक्रिया थी ?
‘जूझ’ कहानी प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच संघर्ष की कहानी है।” सिद्ध कीजिए।
खुदाई में मिले लगभग सात सौ कुओं, महाकुंड, पक्की ढकी नालियों की समुचित व्यवस्था के आधार पर सिंधु घाटी सभ्यता के विषय में क्या धारणा बनती है ? स्पष्ट कीजिए।
संवाददाता और विशेष संवाददाता में क्या अंतर है ?