'कवि प्रेमचंद नगर बाजार और अर्थव्यवस्था पर क्या टिप्पणी करते हैं? लिखें।'
प्रेमचंद नगर बाजार और अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहते हैं कि वहाँ व्यापार में ईमानदारी का अभाव है। स्वार्थ और लालच के कारण लोग एक-दूसरे को धोखा देते हैं। इस प्रकार की व्यवस्था समाज में अन्याय और असमानता को जन्म देती है।
Final Answer:
प्रेमचंद के अनुसार नगर बाजार की अर्थव्यवस्था स्वार्थ और छल पर आधारित है।
‘बाज़ार में कभी–कभी आवश्यकता ही शोषण का रूप धारण कर लेती है।’ — इस कथन को उदाहरण सहित ‘बाज़ार–दर्शन’ पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।
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