Question:

‘काले मेघा पानी दे’ पाठ में मेंहड़ मंडली पर पानी फेंके जाने को आप त्याग की श्रेणी में रखेंगे या जल की बर्बादी की श्रेणी में ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।

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ऐसे प्रश्न में दोनों पक्षों का संतुलन और तर्क अवश्य रखें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘काले मेघा पानी दे’ पाठ में मेंहड़ मंडली पर पानी फेंकना एक धार्मिक प्रतीक है — किसान यह मानता है कि वह जल का अंश प्रकृति को लौटाकर वर्षा के लिए आशीर्वाद माँगता है।
इसलिए इसे केवल जल की बर्बादी नहीं कहा जा सकता क्योंकि इसमें त्याग की भावना जुड़ी है।
किसान अपनी मेहनत से एकत्र किया पानी भी मेघों को अर्पित करता है ताकि खेतों को भरपूर वर्षा मिले। यह उसका विश्वास और परंपरा है।
यदि यह अंधविश्वास का रूप ले ले तो इसे रोकना चाहिए, परंतु किसान की भावना को समझना भी जरूरी है। तर्क के आधार पर यह त्याग की भावना की श्रेणी में आता है, न कि महज़ बर्बादी में।
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