श्री विनोदचंद्र पाण्डेय 'विनोद' द्वारा रचित 'जय सुभाष' खण्डकाव्य के नायक नेताजी सुभाषचन्द्र बोस हैं। उनके चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. महान् देशभक्त और स्वतंत्रता-प्रेमी: सुभाषचन्द्र बोस एक महान् देशभक्त थे। भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराना ही उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य था। वे कहते थे, "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।"
2. वीर, साहसी और निर्भीक: नेताजी में वीरता और साहस कूट-कूट कर भरा था। वे अंग्रेजों के अत्याचार से कभी नहीं डरे। उन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों का भी डटकर सामना किया, जैसे- अंग्रेजों की कैद से वेष बदलकर निकल भागना।
3. कुशल संगठनकर्ता: सुभाषचन्द्र बोस एक महान संगठनकर्ता थे। उन्होंने विदेश जाकर 'आजाद हिन्द फौज' का गठन किया, जो उनकी संगठनात्मक क्षमता का अद्भुत प्रमाण है।
4. त्यागी और तपस्वी: उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए आई.सी.एस. जैसी प्रतिष्ठित नौकरी और समस्त पारिवारिक सुखों का त्याग कर दिया। उनका जीवन एक तपस्वी के समान था।
5. ओजस्वी वक्ता: नेताजी एक प्रभावशाली वक्ता थे। उनके भाषणों में ऐसा ओज और प्रेरणा होती थी कि लाखों युवक उनके एक आह्वान पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार हो जाते थे।
अतः, 'जय सुभाष' के नायक सुभाषचन्द्र बोस त्याग, साहस और देशभक्ति की प्रतिमूर्ति हैं।