'जय सुभाष' खण्डकाव्य का नायक सुभाषचन्द्र बोस एक अद्वितीय देशभक्त, त्यागी, कर्मठ और साहसी नेता के रूप में चित्रित किया गया है। कवि ने उनके जीवन के माध्यम से स्वतंत्रता, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना को जीवंत किया है।
1. देशभक्त: सुभाषचन्द्र बोस ने राष्ट्र को सर्वोपरि माना। उन्होंने अंग्रेजों की दासता से भारत को मुक्त कराने के लिए अपना जीवन अर्पित किया।
2. त्यागी: उन्होंने सुख-सुविधाओं का त्याग किया और कठिनाइयों में भी अपने लक्ष्य से नहीं डिगे।
3. साहसी नेता: उन्होंने 'आजाद हिन्द फौज' का गठन कर स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उनका नारा 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा' आज भी अमर है।
4. अनुशासनप्रिय: सुभाष का जीवन अनुशासन, आत्मबल और दृढ़ निश्चय का प्रतीक था।
5. प्रेरणादायक व्यक्तित्व: उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो देश के लिए कुछ करने का उत्साह जगाता है।
इस प्रकार सुभाषचन्द्र बोस का चरित्र त्याग, सेवा, और अटूट देशभक्ति का प्रतिमान है।