हाथी जैसी देह है, गैंडे जैसी खाल। तरबूजे-सी खोपड़ी, खरबूजे से गाल।।" उपर्युक्त पंक्तियों में कौन-सा रस है ?
सोरठा के पहले चरण में कितनी मात्राएँ होती हैं, ?
'पायो जी मैंने राम-रतन धन पायो' पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?
रस के कितने अंग होते हैं ?
जो सुमिरत सिधि होइ, गननायक करिबर बदन। करउ अनुग्रह सोइ, बुद्धि रासि सुभ गुन सदन।।" उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त छंद है :
उस काल मारे क्रोध के, तन काँपने उनका लगा। मानो हवा के वेग से, सोता हुआ सागर जगा।।" उपर्युक्त रेखांकित पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?