भारत को पहचान सकनेवाली दृष्टि की आवश्यकता किनके लिए वांछनीय है और क्यों? 'भारत से हम क्या सीखें' शीर्षक पाठ के आधार पर लिखें।
भारत को पहचान सकने वाली दृष्टि की आवश्यकता नई पीढ़ी और समाज के सभी वर्गों के लिए है। इसका कारण यह है कि भारत विविधताओं में एकता, सहिष्णुता और आध्यात्मिकता का संदेश देता है। यदि हम अपनी पहचान और संस्कृति को समझेंगे तो आधुनिकता में भी अपने मूल्यों को सुरक्षित रख पाएंगे।
Final Answer:
भारत की पहचान समझने वाली दृष्टि नई पीढ़ी और समाज के लिए आवश्यक है, क्योंकि यही हमें संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखती है।
‘बाज़ार में कभी–कभी आवश्यकता ही शोषण का रूप धारण कर लेती है।’ — इस कथन को उदाहरण सहित ‘बाज़ार–दर्शन’ पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।
यशोधर बाबू की पत्नी मुख्यतः पुराने संस्कारों वाली थी, फिर किन कारणों से वह आधुनिक बन गई ? उसके इस आचरण पर यशोधर बाबू की क्या प्रतिक्रिया थी ?
‘जूझ’ कहानी प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच संघर्ष की कहानी है।” सिद्ध कीजिए।
खुदाई में मिले लगभग सात सौ कुओं, महाकुंड, पक्की ढकी नालियों की समुचित व्यवस्था के आधार पर सिंधु घाटी सभ्यता के विषय में क्या धारणा बनती है ? स्पष्ट कीजिए।
संवाददाता और विशेष संवाददाता में क्या अंतर है ?