Question:

‘आज के मनुष्य का प्रकृति से रिश्ता टूट रहा है’ — ‘वसंत आया’ कविता के संदर्भ में इस विषय पर अपने विचार लिखिए। 
 

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प्रकृति से दूरी = सौंदर्य, स्वास्थ्य और संवेदना की क्षति।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘वसंत आया’ कविता के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि प्रकृति का उल्लास मानव जीवन में आनंद का स्रोत है, परंतु आधुनिक मनुष्य उससे कटता जा रहा है।
(1) आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, शहरीकरण और तकनीकी अधिभाव के कारण व्यक्ति प्रकृति से दूर हो गया है।
(2) वसंत जैसी ऋतु अब केवल पंचांग में सीमित होती जा रही है, जीवन में उसका सौंदर्य कम होता जा रहा है।
(3) कविता में वसंत का स्वागत प्रकृति की पुनरुत्थान शक्ति के रूप में किया गया है, जबकि आज का मनुष्य उससे अनभिज्ञ रह जाता है।
(4) यह दूरी मानसिक तनाव, पर्यावरणीय असंतुलन और भावनात्मक रिक्तता को जन्म देती है।
निष्कर्ष: वसंत का उल्लास तभी सच्चा है जब मनुष्य प्रकृति के साथ तादात्म्य स्थापित करे।
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