सुबह उठते ही माँ के हाथ की चाय मिलते ही मौनू को कैसी अनुभूति हुई?
सुबह उठते ही माँ के हाथ की चाय मिलते ही मौनू को अपार सुख, शांति और सुरक्षा की अनुभूति हुई। उसे लगा मानो सारी थकान और चिंताएँ दूर हो गई हों।
ऐसी अनुभूति क्यों हुई?
मौनू को ऐसी अनुभूति होने के निम्नलिखित कारण थे:
माँ का हाथ की चाय में उनके प्यार और ममता का अहसास था
माँ की चाय ने उसे वह सुकून दिया जो दुनिया की कोई और चीज़ नहीं दे सकती
रात भर की चिंताओं और थकान के बाद माँ का यह स्नेहिल स्पर्श उसके लिए अमृत समान था
माँ का प्यार उसकी सबसे बड़ी ताकत थी और उसे हमेशा सुरक्षा का एहसास कराता था
चाय के साथ माँ का आशीर्वाद और दुलार भी मिला होगा
इस प्रकार, माँ के हाथ की चाय ने मौनू को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक सुकून भी प्रदान किया।