पांडवों को सूचना किसके द्वारा प्राप्त हुई?
पांडवों को दुर्योधन के सरोवर में छिपे होने की सूचना देवताओं या आकाशवाणी द्वारा प्राप्त हुई। अवतरण में वर्णित है कि "न जाने कैसे पांडवों को इसकी सूचना मिल गई" - यहाँ यह रहस्यमय तरीके से सूचना मिलने का संकेत है। महाभारत के प्रसंग में ऐसी सूचनाएँ अक्सर दैवीय माध्यमों से मिलती थीं।
पांडवों ने दुर्योधन को युद्ध के लिए कैसे ललकारा और क्या शर्त रखी?
पांडव सरोवर पर पहुँचकर दुर्योधन को युद्ध के लिए ललकारा। उनकी ललकार और शर्त इस प्रकार थी:
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युद्ध के लिए ललकार: पांडवों ने दुर्योधन को छिपकर निकलने और युद्ध में सामना करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि कायरों की तरह छिपने के बजाय वीरों की तरह युद्ध करे।
शर्त: पांडवों ने दुर्योधन के सामने यह शर्त रखी कि वे उसे एक-एक करके युद्ध के लिए अवसर देंगे। उन्होंने कहा कि वे सभी मिलकर उस पर आक्रमण नहीं करेंगे, बल्कि वह जिसे चाहे उससे युद्ध कर सकता है।
गदा युद्ध का नियम: उन्होंने यह भी शर्त रखी कि युद्ध गदा से होगा और इसमें नियमों का पालन किया जाएगा। यह युद्ध धर्मयुद्ध होगा जिसमें अनुचित प्रहार वर्जित होंगे।
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दुर्योधन ने यह शर्त स्वीकार की और सरोवर से बाहर निकलकर युद्ध के लिए तैयार हुआ।