'शुक्ल युग' का नामकरण किस विद्वान के नाम पर किया गया है?
Step 1: संदर्भ.
हिंदी साहित्य इतिहास में शुक्ल युग का नामकरण आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के नाम पर हुआ है। वे हिंदी आलोचना और निबंध लेखन के जनक माने जाते हैं।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) वंशीधर शुक्ल: गलत, इनका साहित्यिक योगदान इस नामकरण से संबंधित नहीं है।
(B) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल: सही, शुक्ल युग का नामकरण इन्हीं के नाम पर हुआ।
(C) बैंकटनाथ शुक्ल: गलत।
(D) रामचरन शुक्ल: गलत।
Step 3: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (B) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल।
मालवा में ऋतु परिवर्तन के प्रभाव स्वरूप पहले कौन-से बदलाव होते थे ? वर्तमान में उसमें क्या अंतर आया है ? इस अंतर के कारणों की पड़ताल कीजिए ।
ग्रामीण परिवेश में जन्मे, पले-बढ़े व्यक्ति का आगे का जीवन भले ही शहर में बीते पर उसकी स्मृतियों का गाँव सदैव मोहक और आकर्षक बना रहता है । – ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण लिखिए ।
झोंपड़ी जलने के बाद भी स्वयं पर नियंत्रण रखने वाला सूरदास कब और क्यों बिलख-बिलख कर रोने लगा ? इस घटना के माध्यम से मनुष्य के स्वभाव की किस विशेषता का पता चलता है ?
विकास की अंधी दौड़ का क्या दुष्परिणाम सामने आया ? ऐसी परिस्थिति में बदलाव के क्या उपाय हो सकते हैं ? ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के आधार पर लिखिए।
‘गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफात’ पाठ के आधार पर लिखिए कि गांधीजी ने रोगी बालक से कैसा बर्ताव किया । इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है ?