शारंगधर रचनाकार हैं :
Step 1: कृति की पहचान.
'हमीर रसों' एक प्रसिद्ध प्राचीन ग्रंथ है, जिसके रचनाकार शारंगधर माने जाते हैं। यह रचना वीर रस प्रधान है।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) परमाल रसों – इसका रचनाकार जड़्ा और आल्हा से जुड़ा हुआ है।
(B) हमीर रसों – सही उत्तर। शारंगधर की रचना है।
(C) खुमाण रसों – इसका रचनाकार दलपति विजय है।
(D) बीसलदेव रसों – इसका रचनाकार नरपति नाल्ह है।
Step 3: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (B) हमीर रसों।
मालवा में ऋतु परिवर्तन के प्रभाव स्वरूप पहले कौन-से बदलाव होते थे ? वर्तमान में उसमें क्या अंतर आया है ? इस अंतर के कारणों की पड़ताल कीजिए ।
ग्रामीण परिवेश में जन्मे, पले-बढ़े व्यक्ति का आगे का जीवन भले ही शहर में बीते पर उसकी स्मृतियों का गाँव सदैव मोहक और आकर्षक बना रहता है । – ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण लिखिए ।
झोंपड़ी जलने के बाद भी स्वयं पर नियंत्रण रखने वाला सूरदास कब और क्यों बिलख-बिलख कर रोने लगा ? इस घटना के माध्यम से मनुष्य के स्वभाव की किस विशेषता का पता चलता है ?
विकास की अंधी दौड़ का क्या दुष्परिणाम सामने आया ? ऐसी परिस्थिति में बदलाव के क्या उपाय हो सकते हैं ? ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के आधार पर लिखिए।
‘गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफात’ पाठ के आधार पर लिखिए कि गांधीजी ने रोगी बालक से कैसा बर्ताव किया । इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है ?