रीतिकाल के 'वीर रस' के प्रसिद्ध कवि हैं:
Step 1: पृष्ठभूमि.
रीतिकाल हिंदी साहित्य का वह काल है जिसमें मुख्य रूप से श्रृंगार रस की कविताएँ रची गईं। परंतु वीर रस के भी प्रसिद्ध कवि हुए।
Step 2: कवि की पहचान.
भूषण रीतिकाल के सबसे प्रसिद्ध वीर रस के कवि थे। उन्होंने वीर शासकों की वीरता का गुणगान किया।
Step 3: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) देव – श्रृंगार रस के कवि।
(B) घनानंद – श्रृंगार रस के छायावादी कवि।
(C) भूषण – सही, वीर रस के कवि।
(D) बिहारी – नीति और श्रृंगार रस के कवि।
Step 4: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (C) भूषण।
मालवा में ऋतु परिवर्तन के प्रभाव स्वरूप पहले कौन-से बदलाव होते थे ? वर्तमान में उसमें क्या अंतर आया है ? इस अंतर के कारणों की पड़ताल कीजिए ।
ग्रामीण परिवेश में जन्मे, पले-बढ़े व्यक्ति का आगे का जीवन भले ही शहर में बीते पर उसकी स्मृतियों का गाँव सदैव मोहक और आकर्षक बना रहता है । – ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण लिखिए ।
झोंपड़ी जलने के बाद भी स्वयं पर नियंत्रण रखने वाला सूरदास कब और क्यों बिलख-बिलख कर रोने लगा ? इस घटना के माध्यम से मनुष्य के स्वभाव की किस विशेषता का पता चलता है ?
विकास की अंधी दौड़ का क्या दुष्परिणाम सामने आया ? ऐसी परिस्थिति में बदलाव के क्या उपाय हो सकते हैं ? ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के आधार पर लिखिए।
‘गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफात’ पाठ के आधार पर लिखिए कि गांधीजी ने रोगी बालक से कैसा बर्ताव किया । इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है ?