'प्रिय प्रवास' किसकी रचना है:
Step 1: रचना परिचय.
'प्रिय प्रवास' अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की प्रसिद्ध रचना है। यह खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) जयशंकर प्रसाद: इन्होंने 'कामायनी' की रचना की।
(B) श्रीधर पाठक: ये खड़ी बोली कविता के प्रारंभिक कवि थे, पर 'प्रिय प्रवास' उनकी रचना नहीं है।
(C) सियाराम शरण गुप्त: इनकी रचना 'जय भारत' प्रसिद्ध है।
(D) अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध': सही — 'प्रिय प्रवास' की रचना इन्हीं की है।
Step 3: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (D) अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'।
“बिसनाथ को अपने गाँव बिस्कोहर से जो लगाव है वह मूलतः मनुष्य की अपनी स्मृतियों के प्रति लगाव का ही एक रूप है।” ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण टिप्पणी कीजिए।
हिंदी के निम्नलिखित उपन्यासों को उनके प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) परीक्षा गुरु
(B) गोदान
(C) चंद्रकांता
(D) भाग्य लक्ष्मी
(E) मैला आँचल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
जन्मवर्ष के अनुसार निम्नलिखित रचनाकारों को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) कबीरदास
(B) तुलसीदास
(C) केशवदास
(D) सूरदास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
सूची-I को सूची-II से संबद्ध कीजिए :
| सूची-I (लेखक) | सूची-II (रचना) |
|---|---|
| (A) जयशंकर प्रसाद | (III) कामायनी |
| (B) सुमित्रानंदन पंत | (IV) उच्छवास |
| (C) महादेवी वर्मा | (I) यामा |
| (D) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | (II) राम की शक्ति पूजा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
अलंकार के निम्नलिखित उदाहरणों को अनुप्रास, उपमा, रूपक और सलेश के क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(A) रवि तजु तृण तृण तरु तमाल तरुवर बहु छाए ।
(B) रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती, मानुष, चून।।
(C) सिंधु सा विस्रुत और अथाह ।
(D) चरण-कमल बंदौं हरिराय।।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –