प्रस्तुत कथन के वक्ता और श्रोता के बारे में स्पष्ट जानकारी इस अंश में नहीं दी गई है। यह कथन महाभारत के एक प्रसंग का वर्णन कर रहा है, जहाँ दुर्योधन हस्तिनापुर के सरोवर में छिप जाता है और पांडवों को इसकी सूचना मिल जाती है।
संभावित वक्ता और श्रोता:
वक्ता: कोई कथावाचक या सूत्रधार हो सकता है जो महाभारत की इस घटना का वर्णन कर रहा है।
श्रोता: कोई श्रोतागण या पात्र हो सकते हैं जिन्हें यह कथा सुनाई जा रही है।
दिए गए अंश में वक्ता-श्रोता के नाम स्पष्ट नहीं हैं, केवल महाभारत की घटना का वर्णन है।