प्रस्तुत कथन के वक्ता हैं - बाबू जी (पिता) और श्रोता हैं - चेतन (पुत्र)।
यह संवाद पिता और पुत्र के बीच का है। वक्ता अपने पुत्र चेतन से बात कर रहा है और उसे बाग वाला मकान देने की बात कह रहा है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर रहा है कि उसके जीते जी यह संभव नहीं है।