प्रस्तुत कथन का वक्ता: इस कथन के वक्ता पिता हैं। वे अपनी पुत्री (श्रोता) से ये बातें कह रहे हैं।
‘तुम वहाँ नहीं जा सकोगी’ – ऐसा वक्ता ने श्रोता से क्यों कहा?
वक्ता (पिता) ने श्रोता (पुत्री) से ऐसा इसलिए कहा क्योंकि:
पुत्री किसी दूसरी जगह या परिवार में जाना चाहती थी, संभवतः अपनी बहू या किसी नवविवाहिता के पास
पिता को पता था कि समाज के रूढ़िवादी विचारों के कारण पुत्री ऐसा नहीं कर पाएगी
वह जानते थे कि परिवार में फैली सामाजिक बुराइयाँ और संकीर्णता पुत्री को वहाँ जाने से रोकेंगी
पिता ने पुत्री के प्रेम और ममता के दावे को चुनौती दी कि यदि वह सच में प्रेम करती है तो उस नीची श्रेणी की बहू को घर ले आए, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकती
पिता समाज के पाखंड और ऊँच-नीच के भेद को उजागर कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि केवल प्रेम और ममता की बातें करने से कुछ नहीं होता जब तक उसे व्यवहार में न लाया जाए।