पद्यांशं पठित्वा जालरेखाचित्रं पूरयत।
पद्यांशः:
पक्षिणां बलम् आकाशं, बालानां रोदनं बलम्।
दुर्बलस्य बलं राजा, मत्स्यानाम् उदकं बलम्॥ 
जालरेखाचित्रस्य पूरणम्:
अत्र कस्य किं बलम् इति पद्यांशानुसारं योजनीयम्।
(Here, we need to match who has what strength according to the verse.)
\[\begin{array}{rl} \bullet & \text{पक्षिणाम् \(\rightarrow\) आकाशम्} \\ \bullet & \text{बालानां \(\rightarrow\) रोदनम्} \\ \bullet & \text{दुर्बलस्य \(\rightarrow\) राजा} \\ \bullet & \text{मत्स्यानाम् \(\rightarrow\) उदकम्} \\ \end{array}\]
चित्ररूपेण उत्तरम्:
(The answer in diagrammatic form:)
\(\fbox{पक्षिणाम्}\) \(\rightarrow\) \(\fbox{आकाशम्}\)
\(\fbox{मत्स्यानाम्}\) \(\rightarrow\) \(\fbox{उदकम्}\)
\(\fbox{बालानां}\) \(\rightarrow\) \(\fbox{रोदनम्}\)
\(\fbox{दुर्बलस्य}\) \(\rightarrow\) \(\fbox{राजा}\)
‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर गाँव की प्रकृति का गर्मी, सर्दी और वर्षा ऋतुओं के अनुभव वर्णन कीजिए। वहाँ के लोग गर्मी ऋतु के प्रकोप से बचने के लिए क्या उपाय करते थे?
‘अपना मालवा खाऊँ–उजाऊ सभ्यता में.....’ पाठ में विक्रमादित्य, भोज और मुँज आदि राजाओं का उल्लेख किस संदर्भ में आया है? स्पष्ट कीजिए।
‘तोड़ो’ कविता का कवि क्या तोड़ने की बात करता है और क्यों?
“इसी तरह भरता और खाली होता है यह शहर” पंक्ति के संदर्भ में बनारस शहर के ‘भरने’ और ‘खाली’ होने से क्या अभिप्राय है?
“मैंने निज दुर्बल पद-बल, उससे हारी होड़ लगाई” ‘देवसेना का गीत’ से उद्धृत इस पंक्ति से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
In the following figure \(\triangle\) ABC, B-D-C and BD = 7, BC = 20, then find \(\frac{A(\triangle ABD)}{A(\triangle ABC)}\). 
The radius of a circle with centre 'P' is 10 cm. If chord AB of the circle subtends a right angle at P, find area of minor sector by using the following activity. (\(\pi = 3.14\)) 
Activity :
r = 10 cm, \(\theta\) = 90\(^\circ\), \(\pi\) = 3.14.
A(P-AXB) = \(\frac{\theta}{360} \times \boxed{\phantom{\pi r^2}}\) = \(\frac{\boxed{\phantom{90}}}{360} \times 3.14 \times 10^2\) = \(\frac{1}{4} \times \boxed{\phantom{314}}\) <br>
A(P-AXB) = \(\boxed{\phantom{78.5}}\) sq. cm.