Question:

नाटक के मंच-निर्देश हमेशा वर्तमान काल में ही क्यों लिखे जाते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। 
 

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उदाहरण सहित कारण स्पष्ट करें — जैसे “दाएँ ओर जाता है” बनाम “गया” — इससे काल प्रयोग का महत्त्व उजागर होता है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

नाटक के मंच-निर्देश दर्शकों और कलाकारों के लिए तत्क्षणिक क्रिया का संकेत होते हैं।
चूंकि नाटक एक जीवंत मंचीय माध्यम है, इसमें हर क्रिया मंच पर ‘अभी’ हो रही होती है।
इसलिए निर्देश भी वर्तमान काल में ही दिए जाते हैं, जैसे — "अभिनेता धीरे से प्रवेश करता है", "पृष्ठभूमि में संगीत बजता है", "पात्र चौंककर बोलता है"।
वर्तमान काल मंच पर गतिशीलता और सजीवता का आभास कराता है, जिससे दर्शक और अभिनेता दोनों दृश्य से जुड़ाव अनुभव करते हैं।
यदि निर्देश भूतकाल में लिखे जाएँ, तो वे दृश्य की सक्रियता और सजीवता को बाधित कर देंगे।
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