लड़की पसंद न होने पर भी अभित्र विवाह के लिए मना क्यों नहीं कर रहा था?
अभित्र लड़की पसंद न होने पर भी विवाह के लिए इसलिए मना नहीं कर रहा था क्योंकि:
वह अपने माता-पिता की इच्छा का सम्मान करता था और उन्हें दुखी नहीं देखना चाहता था
पारिवारिक मर्यादाओं और सामाजिक बंधनों में बंधा होने के कारण वह विरोध नहीं कर पा रहा था
वह एक जिम्मेदार पुत्र था जो माता-पिता के निर्णय को स्वीकार करने में विश्वास रखता था
शायद वह यह भी सोच रहा था कि शादी के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा
वास्तव में अभित्र के हृदय में किसने स्थान बना लिया था?
वास्तव में अभित्र के हृदय में सरिता ने स्थान बना लिया था। अभित्र सरिता से प्रेम करता था और उसके मन में सरिता के प्रति गहरी भावनाएँ थीं। इस कारण वह किसी और से विवाह करने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं था, फिर भी पारिवारिक दबाव के कारण वह खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा था।