Question:

‘इंसानी जीवन की रात मिटा’ — से क्या अभिप्राय है ? 
 

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जब प्रश्न में ‘अभिप्राय’ पूछा जाए, तो प्रतीक के पीछे छिपे सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक अर्थों को केंद्र में रखें।
Updated On: Jan 14, 2026
  • शोषित वर्ग के जीवन से रात्रि को दूर करना
  • शोषित वर्ग के घरों को प्रकाशित करना
  • इंसानों के जीवन से अंधकार को दूर करना
  • शोषित वर्ग के अभावों को दूर कर, उन्हें अधिकार देना
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

पंक्ति ‘‘इंसानी जीवन की रात मिटा’’ का अर्थ केवल भौतिक रात्रि का अंत नहीं है, बल्कि यह एक गहरा रूपक है जो शोषित, पीड़ित, और वंचित वर्गों के जीवन में व्याप्त अज्ञानता, असमानता और अभाव के अंधकार को इंगित करता है।
‘‘रात’’ यहाँ अज्ञान, दरिद्रता, सामाजिक भेदभाव और अधिकारों से वंचितता का प्रतीक है।
इसलिए जब कवि कहता है कि ‘‘इंसानी जीवन की रात मिटा’’, तो उसका आशय यह है कि— समाज को ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे वंचित वर्गों को समान अधिकार, संसाधन और सम्मान मिले।
प्रश्न विश्लेषण:
(A) केवल ‘‘रात्रि को दूर करना’’ एक सतही और भौतिक व्याख्या है।
(B) घरों को प्रकाशित करना केवल प्रतीकात्मक रूप से सीमित अर्थ है।
(C) यह उत्तर भी निकट है, परंतु इसमें ‘‘शोषित वर्ग’’ पर स्पष्ट ध्यान नहीं है।
(D) यह उत्तर सबसे सटीक और व्यापक है — क्योंकि यह अधिकार देने की सामाजिक चेतना को भी दर्शाता है।
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