'हंस' पत्रिका के सम्पादक थे:
Step 1: संदर्भ.
'हंस' पत्रिका का संपादन हिंदी साहित्य के महान कथाकार और उपन्यासकार मुंशी प्रेमचन्द ने किया था। यह पत्रिका 1930 ई. में प्रारंभ हुई थी और हिंदी समाज में वैचारिक, सामाजिक और साहित्यिक जागृति लाने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) मुंशी प्रेमचन्द: सही, वे 'हंस' पत्रिका के संपादक थे।
(B) जयशंकर प्रसाद: गलत, वे काव्य और नाटक के लिए प्रसिद्ध थे।
(C) निराला: गलत, वे कवि थे पर 'हंस' के संपादक नहीं थे।
(D) महादेवी वर्मा: गलत, वे 'चांद' पत्रिका से जुड़ी थीं।
Step 3: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (A) मुंशी प्रेमचन्द।
मालवा में ऋतु परिवर्तन के प्रभाव स्वरूप पहले कौन-से बदलाव होते थे ? वर्तमान में उसमें क्या अंतर आया है ? इस अंतर के कारणों की पड़ताल कीजिए ।
ग्रामीण परिवेश में जन्मे, पले-बढ़े व्यक्ति का आगे का जीवन भले ही शहर में बीते पर उसकी स्मृतियों का गाँव सदैव मोहक और आकर्षक बना रहता है । – ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण लिखिए ।
झोंपड़ी जलने के बाद भी स्वयं पर नियंत्रण रखने वाला सूरदास कब और क्यों बिलख-बिलख कर रोने लगा ? इस घटना के माध्यम से मनुष्य के स्वभाव की किस विशेषता का पता चलता है ?
विकास की अंधी दौड़ का क्या दुष्परिणाम सामने आया ? ऐसी परिस्थिति में बदलाव के क्या उपाय हो सकते हैं ? ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के आधार पर लिखिए।
‘गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफात’ पाठ के आधार पर लिखिए कि गांधीजी ने रोगी बालक से कैसा बर्ताव किया । इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है ?