Question:

नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और चित्र को आधार बनाकर कोई लेख, घटना अथवा कहानी लिखिए जिसका सीधा व स्पष्ट संबंध चित्र से होना चाहिए।

Show Hint

चित्र में एक पेड़ के नीचे बैठा लड़का दिख रहा है जो गरीबी, संघर्ष और शिक्षा की चाहत का प्रतीक हो सकता है। कहानी में राजू के माध्यम से एक गरीब बच्चे के संघर्ष और एक दयालु व्यक्ति की मदद से उसके जीवन में आए बदलाव को दर्शाया गया है।
Hide Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

शीर्षक: पेड़ के नीचे बैठा लड़का गर्मी की दोपहर थी। सूरज की तपिश से धरती बेहाल थी। गाँव के बाहर एक घने पेड़ के नीचे दस वर्षीय राजू अकेला बैठा था। उसकी आँखों में उदासी थी और हाथ में एक पुरानी किताब। पास ही उसका छोटा सा बस्ता रखा था जिसमें कुछ किताबें और एक खाली टिफिन बॉक्स था। राजू के पिता एक मजदूर थे और माँ घरों में काम करती थीं। गर्मी की छुट्टियों में राजू भी काम की तलाश में शहर चला गया था। उसे एक ढाबे पर काम मिल गया। सुबह से रात तक बर्तन धोना, सफाई करना और कभी-कभी खाना परोसना। बदले में उसे खाना मिलता था और कुछ रुपये। वह अपने माता-पिता की मदद करना चाहता था। आज वह ढाबे से भाग आया था। ढाबे के मालिक ने उसे बिना वजह डांट दिया था। राजू का मन बहुत दुखी था। वह इसी पेड़ के नीचे बैठकर रोने लगा। उसे अपने स्कूल के दिन याद आ रहे थे - दोस्तों के साथ खेलना, शिक्षक का प्यार, और वह छोटी सी कक्षा जहाँ वह पढ़ता था। तभी वहाँ से गुजरते हुए एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उसे देखा। उनका नाम शर्मा जी था और वह सेवानिवृत्त शिक्षक थे। उन्होंने राजू के पास आकर पूछा, "बेटा, तुम यहाँ अकेले क्यों बैठे हो? स्कूल क्यों नहीं जाते?" राजू ने रुआँसे स्वर में अपनी सारी कहानी बता दी। शर्मा जी की आँखें नम हो गईं। उन्होंने राजू से कहा, "बेटा, पढ़ाई ही वह रास्ता है जो तुम्हें इस गरीबी से निकाल सकता है। मैं तुम्हें पढ़ाऊँगा। कल से तुम मेरे पास आना।" राजू को यकीन नहीं हुआ। किसी अनजान व्यक्ति पर विश्वास करना कठिन था। लेकिन शर्मा जी की आँखों में सच्ची ममता थी। अगले दिन राजू शर्मा जी के घर गया। शर्मा जी ने उसे किताबें दीं और पढ़ाना शुरू किया। राजू बहुत होशियार था। उसने जल्द ही सब कुछ सीख लिया। शर्मा जी ने राजू के माता-पिता से भी बात की और उन्हें समझाया कि बच्चे को स्कूल भेजना जरूरी है। उन्होंने राजू की फीस का भी प्रबंध किया। राजू फिर से स्कूल जाने लगा। वह दिन-रात मेहनत करता। कुछ वर्षों बाद राजू ने परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। आज राजू एक बड़ा अधिकारी है। वह उस पेड़ के पास हर साल जाता है जहाँ उसकी जिंदगी बदल गई थी। वहाँ बैठकर उसे वह दिन याद आते हैं जब वह एक गरीब लड़का था, और कैसे एक दयालु व्यक्ति ने उसकी मदद की। राजू अब कई गरीब बच्चों को पढ़ाता है और उनके सपनों को पंख देता है। सीख: कभी-कभी जीवन की सबसे बड़ी मुसीबत में ही कोई मदद का हाथ मिल जाता है। हमें उस हाथ को थामना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है जो गरीबी और अंधकार को दूर कर सकता है।
Was this answer helpful?
0
0

Top Questions on लेख लेखन

View More Questions