छायावाद युग की प्रमुख प्रवृत्तियाँ कौन-सी हैं ?
Step 1: छायावाद युग की विशेषता.
छायावाद हिंदी साहित्य का प्रमुख काव्य आंदोलन है, जिसमें व्यक्तिगत भावनाओं, प्रेम, वेदना, प्रकृति और रहस्यात्मकता को विशेष स्थान मिला।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) कुण्ठा और निराशा – यह प्रगतिवाद और प्रयोगवाद की प्रवृत्ति से जुड़ा है।
(B) श्रृंगार और प्रेम - वेदना – सही उत्तर। छायावाद का प्रमुख स्वर यही है।
(C) नारी के प्रति परिवर्तित दृष्टिकोण – यह प्रगतिवादी युग की विशेषता है।
(D) रीतिग्रन्थों का निर्माण – यह रीतिकाल की विशेषता है।
Step 3: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (B) श्रृंगार और प्रेम - वेदना।
मालवा में ऋतु परिवर्तन के प्रभाव स्वरूप पहले कौन-से बदलाव होते थे ? वर्तमान में उसमें क्या अंतर आया है ? इस अंतर के कारणों की पड़ताल कीजिए ।
ग्रामीण परिवेश में जन्मे, पले-बढ़े व्यक्ति का आगे का जीवन भले ही शहर में बीते पर उसकी स्मृतियों का गाँव सदैव मोहक और आकर्षक बना रहता है । – ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण लिखिए ।
झोंपड़ी जलने के बाद भी स्वयं पर नियंत्रण रखने वाला सूरदास कब और क्यों बिलख-बिलख कर रोने लगा ? इस घटना के माध्यम से मनुष्य के स्वभाव की किस विशेषता का पता चलता है ?
विकास की अंधी दौड़ का क्या दुष्परिणाम सामने आया ? ऐसी परिस्थिति में बदलाव के क्या उपाय हो सकते हैं ? ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के आधार पर लिखिए।
‘गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफात’ पाठ के आधार पर लिखिए कि गांधीजी ने रोगी बालक से कैसा बर्ताव किया । इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है ?