'भारत दृष्टेश' किस विधा की रचना है ?
Step 1: कृति की पहचान.
'भारत दृष्टेश' हिंदी साहित्य में रेखाचित्र विधा की रचना है। इसमें व्यक्ति और समाज के चित्रण को संक्षिप्त किंतु सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) जीवनी – यह किसी व्यक्ति के जीवन का विस्तृत विवरण होता है, यह यहाँ लागू नहीं है।
(B) आत्मकथा – यह लेखक के अपने जीवन का विवरण है, पर 'भारत दृष्टेश' आत्मकथा नहीं है।
(C) रेखाचित्र – सही उत्तर। यह रचना इसी विधा की है।
(D) एकांकी – यह नाटक की एक विधा है, जो यहाँ उपयुक्त नहीं है।
Step 3: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (C) रेखाचित्र।
मालवा में ऋतु परिवर्तन के प्रभाव स्वरूप पहले कौन-से बदलाव होते थे ? वर्तमान में उसमें क्या अंतर आया है ? इस अंतर के कारणों की पड़ताल कीजिए ।
ग्रामीण परिवेश में जन्मे, पले-बढ़े व्यक्ति का आगे का जीवन भले ही शहर में बीते पर उसकी स्मृतियों का गाँव सदैव मोहक और आकर्षक बना रहता है । – ‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर सोदाहरण लिखिए ।
झोंपड़ी जलने के बाद भी स्वयं पर नियंत्रण रखने वाला सूरदास कब और क्यों बिलख-बिलख कर रोने लगा ? इस घटना के माध्यम से मनुष्य के स्वभाव की किस विशेषता का पता चलता है ?
विकास की अंधी दौड़ का क्या दुष्परिणाम सामने आया ? ऐसी परिस्थिति में बदलाव के क्या उपाय हो सकते हैं ? ‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के आधार पर लिखिए।
‘गांधी, नेहरू और यास्सेर अराफात’ पाठ के आधार पर लिखिए कि गांधीजी ने रोगी बालक से कैसा बर्ताव किया । इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है ?