अभित्र और सरिता के बीच बातचीत:
अभित्र और सरिता को अकेले में मिलने का अवसर मिलने पर दोनों के बीच भावनात्मक और गंभीर बातचीत हुई:
दोनों ने एक-दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया
अभित्र ने सरिता को अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और माता-पिता की इच्छा के बारे में बताया
सरिता ने भी अपनी भावनाएँ प्रकट कीं और अभित्र की स्थिति को समझने की कोशिश की
दोनों अपने भविष्य को लेकर चिंतित और अनिश्चित थे
शायद उन्होंने एक-दूसरे से वादा किया या अपनी मजबूरियाँ बताईं
क्या अभित्र उस मुलाकात से संतुष्ट था?
नहीं, अभित्र उस मुलाकात से संतुष्ट नहीं था। इसके कारण:
वह सरिता से मिलकर खुश था, लेकिन उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रही
वह सरिता को कोई पुख्ता आश्वासन नहीं दे पाया
पारिवारिक दबाव और सामाजिक बंधनों के कारण वह अपनी भावनाओं को पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पाया
मुलाकात के बाद भी उसके मन में दुविधा और असंतोष बना रहा
वह चाहकर भी सरिता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह नहीं कर पा रहा था