'आश्रयदाताओं की प्रशंसा' निम्न में से किस काल/वाद की विशेषता रही है?
Step 1: रीतिकाल का काव्य-परिदृश्य.
रीतिकाल (लगभग 1650–1850) में दरबारी संस्कृति प्रबल थी, जहाँ कवि प्रायः राजाओं/संरक्षकों (आश्रयदाताओं) की प्रशंसा में काव्य रचते थे।
Step 2: प्रवृत्तियों का मिलान.
रीतिकाल की प्रमुख प्रवृत्तियाँ—श्रृंगार-चित्रण, नायिका-भेद, अलंकार-प्राधान्य, आश्रयदाताओं की वंदना—रहीं।
Step 3: विकल्प-जांच.
(1) रीतिवाद — सही; आश्रयदाता-स्तुति इसकी केन्द्रीय प्रवृत्ति थी।
(2) छायावाद — आत्मकेंद्रित/भावुक/प्रकृतिप्रिय काव्य; दरबारी स्तुति नहीं।
(3) अतिक्रियावाद — हिंदी में मान्य प्रमुख वाद नहीं।
(4) प्रगतिवाद — समाज-यथार्थ, वर्ग-चेतना; आश्रयदाता-स्तुति नहीं।
हिंदी के निम्नलिखित उपन्यासों को उनके प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) परीक्षा गुरु
(B) गोदान
(C) चंद्रकांता
(D) भाग्य लक्ष्मी
(E) मैला आँचल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
जन्मवर्ष के अनुसार निम्नलिखित रचनाकारों को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) कबीरदास
(B) तुलसीदास
(C) केशवदास
(D) सूरदास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
सूची-I को सूची-II से संबद्ध कीजिए :
| सूची-I (लेखक) | सूची-II (रचना) |
|---|---|
| (A) जयशंकर प्रसाद | (III) कामायनी |
| (B) सुमित्रानंदन पंत | (IV) उच्छवास |
| (C) महादेवी वर्मा | (I) यामा |
| (D) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला | (II) राम की शक्ति पूजा |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
अलंकार के निम्नलिखित उदाहरणों को अनुप्रास, उपमा, रूपक और सलेश के क्रम में व्यवस्थित कीजिए :
(A) रवि तजु तृण तृण तरु तमाल तरुवर बहु छाए ।
(B) रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरे, मोती, मानुष, चून।।
(C) सिंधु सा विस्रुत और अथाह ।
(D) चरण-कमल बंदौं हरिराय।।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
“वीर तुम बढ़े चलो, वीर तुम बढ़े चलो।
सामने पहाड़ हो कि सिंह की गर्जना हो।”
उपयुक्त पंक्तियों में कौन-सा रस है?