'पुरोहित' का संधि-विच्छेद है—
Step 1: मूल पदों की पहचान.
'पुरः' (= साम्हने/आगे) + 'हित' (= कल्याण)
Step 2: संधि-नियम.
'ः + ह' के संयोग से 'र' ध्वनि का आगमन होता है, अतः 'पुरः + हित' \(\rightarrow\) पुरोहित।
Step 3: विकल्प-जांच.
(1) पुरः + हित — नियमानुसार सही। अन्य विकल्प मूल-रूप/अर्थ से मेल नहीं खाते।
निम्नलिखित में से कार्यालयी पत्र-व्यवहार का उदाहरण नहीं है –
सरकारी / कार्यालयी पत्र व्यवहार हेतु पत्र लिखते समय निम्नलिखित बिंदुओं का उचित (पहले से बाद का) क्रम होगा –
(A) विषय
(B) प्रापक
(C) स्वनिवेदक
(D) संबोधन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
व्युत्पत्ति की दृष्टि से निम्नलिखित शब्दों को तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
(A) कटोरा
(B) कपूर
(C) गदहा
(D) स्टेशन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए –
जिसकी पत्नी साथ नहीं हो वाक्यांश के लिए उचित एक शब्द है –
इनमें से एकार्थक का उदाहरण है –