निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
अंकुरित होने से जड़ें हो जाने तक
आँधी-तूफान हो या कोई प्रतापी राजा-महाराजा
पेड़ किसी के पाँव नहीं पड़ता है,
जब तक है उसमें साँस
एक जगह पर खड़े रहकर
हालात से लड़ता है!
जहाँ भी खड़ा हो
सड़क, झील या कोई पहाड़
भेड़िया, बाघ, शेर की दहाड़
पेड़ किसी से नहीं डरता है!
हत्या या आत्महत्या नहीं करता है पेड़।
थके राहगीरों को देकर छाँव व ठंडी हवा
राह में गिरा देता है फूल
और करता है इशारा उसे आगे बढ़ने का।
पेड़ करता है सभी का स्वागत,
देता है सभी को दावत!
आकृति पूर्ण कीजिए:
\[\begin{array}{c} \text{पेड़ इनसे नहीं डरता —} \\ \downarrow \\ \text{(1) आँधी-तूफान} \\ \downarrow \\ \text{(2) बाघ-शेर की दहाड़} \\ \downarrow \\ \text{(3) हालात से लड़ाई} \end{array} \]
Step 1: पद्यांश का भावार्थ.
इस कविता में कवि ने पेड़ को साहस, धैर्य और संघर्ष का प्रतीक बताया है। पेड़ हर परिस्थिति में स्थिर रहता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है।
Step 2: आकृति विश्लेषण.
कवि के अनुसार पेड़ आँधी-तूफान, भयंकर पशु और कठिन परिस्थितियों से नहीं डरता। वह अपनी जगह दृढ़ता से खड़ा रहकर हर परिस्थिति का सामना करता है।
Step 3: निष्कर्ष.
पेड़ हमें यह शिक्षा देता है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, हमें साहस, धैर्य और सहनशीलता के साथ उनका सामना करना चाहिए।
निम्नलिखित शब्दों के वचन पद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए:
\[\begin{array}{|c|c|} \hline \textbf{शब्द (बहुवचन)} & \textbf{मूल शब्द (एकवचन)} \\ \hline \text{(1) आँधियाँ} & \text{आँधी} \\ \hline \text{(2) साँसें} & \text{साँस} \\ \hline \text{(3) सड़कें} & \text{सड़क} \\ \hline \text{(4) हवाएँ} & \text{हवा} \\ \hline \end{array}\]
Step 1: प्रश्न की समझ.
यह प्रश्न पद्यांश से बहुवचन शब्दों को पहचानकर उनके एकवचन रूप लिखने से संबंधित है। एकवचन वह होता है जो किसी वस्तु या व्यक्ति की एक इकाई को दर्शाता है।
Step 2: शब्दों का विश्लेषण.
पद्यांश में प्रयुक्त शब्द 'आँधियाँ', 'साँसें', 'सड़कें' और 'हवाएँ' सभी बहुवचन रूप हैं। इनके मूल रूप क्रमशः 'आँधी', 'साँस', 'सड़क' और 'हवा' हैं।
Step 3: निष्कर्ष.
इस प्रकार बहुवचन शब्दों का एकवचन रूप निकालने के लिए शब्दों के अंत में प्रयुक्त 'याँ', 'एँ' जैसी प्रत्ययों को हटाया जाता है।
पेड़ मनुष्य को प्रेरणा देता है' इस विषय पर अपने विचार 40 से 50 शब्दों में लिखिए।
Step 1: विषय का अर्थ.
यह विषय पेड़ के गुणों के माध्यम से जीवन में प्रेरणा प्राप्त करने की बात करता है। पेड़ कठिन परिस्थितियों में भी स्थिर रहता है।
Step 2: विचार विस्तार.
पेड़ न केवल दूसरों को लाभ देता है बल्कि हमें यह भी सिखाता है कि जीवन में सेवा, धैर्य और त्याग का भाव रखना चाहिए।
Step 3: निष्कर्ष.
पेड़ का जीवन हमें यह सिखाता है कि सफलता और सच्चा सुख निःस्वार्थ सेवा और निरंतर कर्म से ही प्राप्त होता है।
‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर गाँव की प्रकृति का गर्मी, सर्दी और वर्षा ऋतुओं के अनुभव वर्णन कीजिए। वहाँ के लोग गर्मी ऋतु के प्रकोप से बचने के लिए क्या उपाय करते थे?
‘अपना मालवा खाऊँ–उजाऊ सभ्यता में.....’ पाठ में विक्रमादित्य, भोज और मुँज आदि राजाओं का उल्लेख किस संदर्भ में आया है? स्पष्ट कीजिए।
‘तोड़ो’ कविता का कवि क्या तोड़ने की बात करता है और क्यों?
“इसी तरह भरता और खाली होता है यह शहर” पंक्ति के संदर्भ में बनारस शहर के ‘भरने’ और ‘खाली’ होने से क्या अभिप्राय है?
“मैंने निज दुर्बल पद-बल, उससे हारी होड़ लगाई” ‘देवसेना का गीत’ से उद्धृत इस पंक्ति से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?