Comprehension

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए: 
अपने हृदय का सत्य, अपने-आप हमको खोजना। 
अपने नयन का नीर, अपने-आप हमको पोंछना। 
आकाश सुख देगा नहीं, धरती पपीहों है कहीं। 
हर एक राहों को भटककर ही दिशा मिलती रही। 
सत्य हम नहीं, सत्य तुम नहीं। 
बेकार है मुस्कान से ढकना हृदय की चिन्ता। 
आदर्श हो सकती नहीं, तन और मन की भिन्नता। 
जब तक बैठे हैं चेतना, जब तक भागे दुख से घृणा। 
तब तक न मौलिकता कभी, इस राह को ही में रही। 
सत्य हम नहीं, सत्य तुम नहीं। 
 

Question: 1

उत्तर लिखिए: 
(i) हमें हृदय की इस बात को खोजना है — \(\underline{\hspace{1cm}}\) 
(ii) हर एक राहों को भटककर मिलती है — \(\underline{\hspace{1cm}}\) 
(iii) इसे मुस्कान से ढकना बेकार है — \(\underline{\hspace{1cm}}\) 
(iv) यह आदर्श नहीं हो सकती है — \(\underline{\hspace{1cm}}\) 
 

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कविता आधारित प्रश्नों में उत्तर देने के लिए पहले कविता का भावार्थ समझना आवश्यक होता है। इससे वाक्यों को सटीक रूप में पूरा किया जा सकता है।
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Solution and Explanation

Step 1: पद्यांश का सार.
इस पद्यांश में कवि ने जीवन के सत्य की खोज और आत्मबोध की आवश्यकता पर बल दिया है। कवि कहता है कि जब तक हम अपने भीतर की सच्चाई को नहीं पहचानते, तब तक सच्चा सुख नहीं मिल सकता।

Step 2: उत्तर का विश्लेषण.
(i) कवि के अनुसार हमें अपने हृदय का सत्य खोजने का प्रयत्न करना चाहिए।
(ii) जीवन की दिशा केवल अनुभव और संघर्ष के माध्यम से मिलती है।
(iii) हृदय की चिंता को केवल मुस्कान से ढकना व्यर्थ है।
(iv) जब तक तन और मन में एकता नहीं होगी, तब तक आदर्श जीवन संभव नहीं है।

Step 3: निष्कर्ष.
कवि यह सिखाता है कि आत्मबोध, सच्चाई और आंतरिक एकता ही सच्चे जीवन और आदर्श का मार्ग हैं। बिना संघर्ष और सच्चे भाव के कोई भी आदर्श पूर्ण नहीं हो सकता।

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Question: 2

निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय निकालकर पद्यांश में आए हुए मूल शब्द ढूँढ़कर लिखिए: 
\[\begin{array}{|c|c|} \hline \textbf{शब्द} & \textbf{मूल शब्द} \\ \hline \text{(1) सत्यता} & \text{सत्य} \\ \hline \text{(2) सुखी} & \text{सुख} \\ \hline \text{(3) राहीं} & \text{राह} \\ \hline \text{(4) मुस्कुराहट} & \text{मुस्कुराना} \\ \hline \end{array}\]

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किसी शब्द का मूल रूप जानने के लिए उसका प्रत्यय हटाकर मूल धातु या शब्द को पहचानना आवश्यक होता है।
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Solution and Explanation

Step 1: मूल शब्द की पहचान.
पद्यांश में प्रयुक्त शब्दों के अंत में जो प्रत्यय जुड़े हैं, उन्हें हटाने पर हमें मूल शब्द प्राप्त होते हैं। जैसे 'सत्यता' में 'ता' प्रत्यय है, जो हटाने पर 'सत्य' शब्द मिलता है।

Step 2: विश्लेषण.
'सुखी' शब्द में 'ई' प्रत्यय है जो 'सुख' से बना है। 'राही' में 'ई' प्रत्यय हटाने पर 'राह' मिलता है, और 'मुस्कुराहट' में 'अहट' प्रत्यय है जो 'मुस्कुराना' से बना है।

Step 3: निष्कर्ष.
मूल शब्द वह होता है जिससे नया शब्द प्रत्यय या उपसर्ग जोड़कर बनाया जाता है। इन चारों शब्दों में यही प्रक्रिया दिखाई देती है।

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Question: 3

संघर्ष करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है' इस विषय पर अपने विचार 40 से 50 शब्दों में लिखिए। 
 

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लघु निबंध लिखते समय विचारों को संक्षिप्त, स्पष्ट और सार्थक रूप में प्रस्तुत करें।
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Solution and Explanation

Step 1: विषय की व्याख्या.
यह विषय बताता है कि जीवन में कठिनाइयाँ सफलता की सीढ़ियाँ हैं। संघर्ष से ही व्यक्ति का चरित्र मजबूत होता है।

Step 2: विचार विस्तार.
जो व्यक्ति मेहनत, धैर्य और निरंतरता से कार्य करता है, वह अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है। संघर्ष हमें जीवन के सच्चे अर्थ सिखाता है।

Step 3: निष्कर्ष.
संघर्षशील व्यक्ति कभी हार नहीं मानता। वह अपने कर्म और आत्मविश्वास से जीवन को सफल बनाता है।

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