निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

(१) उत्तर लिखिए:
(i) हमें हृदय की इस बात को खोजना है
(ii) हर एक राही को भटककर मिलती है
(iii) इसे मुस्कान से ढकना बेकार है
(iv) यह आदर्श नहीं हो सकती है
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए प्रत्यय निकालकर मूल शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
(१) सत्यता
(२) सुखी
(३) राही
(४) मुस्कुराहट
(३) 'संघर्ष करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
‘बिस्कोहर की माटी’ पाठ के आधार पर गाँव की प्रकृति का गर्मी, सर्दी और वर्षा ऋतुओं के अनुभव वर्णन कीजिए। वहाँ के लोग गर्मी ऋतु के प्रकोप से बचने के लिए क्या उपाय करते थे?
‘अपना मालवा खाऊँ–उजाऊ सभ्यता में.....’ पाठ में विक्रमादित्य, भोज और मुँज आदि राजाओं का उल्लेख किस संदर्भ में आया है? स्पष्ट कीजिए।
‘तोड़ो’ कविता का कवि क्या तोड़ने की बात करता है और क्यों?
“इसी तरह भरता और खाली होता है यह शहर” पंक्ति के संदर्भ में बनारस शहर के ‘भरने’ और ‘खाली’ होने से क्या अभिप्राय है?
“मैंने निज दुर्बल पद-बल, उससे हारी होड़ लगाई” ‘देवसेना का गीत’ से उद्धृत इस पंक्ति से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?