Question:

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए: 
(v) आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए 'गुरिंदर शेर' कविता का रसास्वादन कीजिए। 
 

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कविता का रसास्वादन करते समय केवल भाव नहीं, बल्कि कवि की संवेदना, भाषा और सामाजिक सन्देश को भी समझना चाहिए।
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Solution and Explanation

Step 1: कविता की पृष्ठभूमि.
यह कविता 'गुरिंदर शेर' द्वारा रचित है, जिसमें कवि ने आम आदमी के जीवन के संघर्षों, असमानता और सामाजिक अन्याय को उजागर किया है। कवि समाज के उन वर्गों की आवाज़ बनता है जिनकी पीड़ा अक्सर अनसुनी रह जाती है।

Step 2: विषय-वस्तु का विश्लेषण.
कवि ने अपनी कविता में यह दर्शाया है कि आम आदमी जीवन की कठिनाइयों से जूझते हुए भी आशा और आत्मसम्मान बनाए रखता है। वह व्यवस्था की अन्यायपूर्ण स्थितियों के बावजूद जीवन को आगे बढ़ाने की कोशिश करता है। कविता में करुणा, संघर्ष और यथार्थ का सुंदर मेल दिखाई देता है।

Step 3: भाषा और शैली.
कविता की भाषा सरल, प्रभावशाली और भावनाओं से परिपूर्ण है। कवि ने शब्दों का चयन इस प्रकार किया है कि पाठक सीधे आम आदमी की पीड़ा को महसूस कर सके। चित्रात्मकता और भाव-संवेदना दोनों ही कविता को हृदयस्पर्शी बनाते हैं।

Step 4: रस और भाव.
कविता में करुण रस की प्रधानता है, क्योंकि कवि ने आम आदमी के दुःख और संघर्षों को अत्यंत मार्मिक ढंग से व्यक्त किया है। साथ ही इसमें वीर रस का भी आभास होता है, जब कवि संघर्षरत व्यक्ति के साहस और आत्मबल को उजागर करता है।

Step 5: निष्कर्ष.
'गुरिंदर शेर' की यह कविता आम आदमी की स्थिति का सजीव चित्रण प्रस्तुत करती है। यह कविता केवल पीड़ा का वर्णन नहीं करती, बल्कि संघर्ष और आत्मसम्मान का संदेश भी देती है।

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