निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(i) रचनाकार का नाम
Step 1: रचनाकार परिचय.
सुभद्रा कुमारी चौहान हिंदी की प्रसिद्ध कवयित्री थीं। उनकी कविताओं में देशप्रेम, नारी-सशक्तिकरण और जीवन के नैतिक मूल्यों की झलक मिलती है।
Step 2: कविता का भावार्थ.
'गुरुबाणी' कविता में गुरु के उपदेशों और शिक्षाओं का महत्व बताया गया है। कवि ने इस कविता के माध्यम से यह संदेश दिया है कि गुरु का मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देता है और अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है।
Step 3: निष्कर्ष.
इस कविता के माध्यम से सुभद्रा कुमारी चौहान ने बताया है कि गुरु ही सच्चा पथप्रदर्शक होता है जो जीवन में ज्ञान, भक्ति और सदाचार का मार्ग दिखाता है।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(v) आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए 'गुरिंदर शेर' कविता का रसास्वादन कीजिए।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(iv) कविता की केन्द्रीय कल्पना लिखिए।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(iii) कविता के पसंद आने के कारण लिखिए।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(ii) पसंद की पंक्तियाँ लिखिए।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबानी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(१) रचनाकर का नाम
(२) पसंद की पंक्तियाँ
(३) पसंद आने के कारण
(४) कविता की केंद्रीय कल्पना
अथवा
आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए 'चुनिंदा शेर' कविता का रसास्वादन कीजिए।