Question:

निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबानी' कविता का रसास्वादन कीजिए: 
(१) रचनाकर का नाम 
(२) पसंद की पंक्तियाँ 
(३) पसंद आने के कारण 
(४) कविता की केंद्रीय कल्पना 
               अथवा 

आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए 'चुनिंदा शेर' कविता का रसास्वादन कीजिए।

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रसास्वादन में कविता की भावना, भाषा और संदेश को व्यक्तिगत और प्रासंगिक रूप से विश्लेषित करें।
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Solution and Explanation

'गुरुबानी' कविता का रसास्वादन:
(१) रचनाकर का नाम: 'गुरुबानी' सिख गुरुओं की रचनाओं का संग्रह है, विशेष रूप से गुरु नानक और अन्य गुरुओं द्वारा, जो गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित हैं।
(२) पसंद की पंक्तियाँ: "सतनाम वाहेगुरु, सिमरन करो, मन को शांति मिले।" (मान्य उदाहरण, कविता अनुपलब्ध होने के कारण)।
(३) पसंद आने के कारण: ये पंक्तियाँ सरल और आध्यात्मिक हैं, जो मन को शांति और जीवन को दिशा देती हैं। इनका भक्तिपूर्ण स्वर और नैतिक संदेश हृदय को छूता है, प्रेरणा देता है।
(४) केंद्रीय कल्पना: कविता की केंद्रीय कल्पना गुरु की शिक्षाओं के माध्यम से आत्मिक उत्थान और ईश्वर से एकता है, जो मानव को सत्य, सेवा और भक्ति का मार्ग दिखाती है।
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