निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(iv) कविता की केन्द्रीय कल्पना लिखिए।
Step 1: केन्द्रीय कल्पना की परिभाषा.
कविता की केन्द्रीय कल्पना वह विचार या संदेश है जो पूरी कविता में निहित रहता है। यह कवि के अनुभव और भावनाओं का सार होता है।
Step 2: उदाहरण द्वारा स्पष्ट करना.
यदि कविता प्रकृति से जुड़ी है, तो उसकी केन्द्रीय कल्पना "प्रकृति की सुंदरता और मानव का उससे संबंध" हो सकती है।
यदि कविता देशभक्ति से जुड़ी है, तो उसकी केन्द्रीय कल्पना "राष्ट्रप्रेम और त्याग" होगी।
Step 3: निष्कर्ष.
अतः कविता की केन्द्रीय कल्पना वह मुख्य भाव है जो पाठक के मन में स्थायी प्रभाव छोड़ता है।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(v) आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए 'गुरिंदर शेर' कविता का रसास्वादन कीजिए।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(iii) कविता के पसंद आने के कारण लिखिए।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(ii) पसंद की पंक्तियाँ लिखिए।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबाणी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(i) रचनाकार का नाम
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबानी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
(१) रचनाकर का नाम
(२) पसंद की पंक्तियाँ
(३) पसंद आने के कारण
(४) कविता की केंद्रीय कल्पना
अथवा
आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए 'चुनिंदा शेर' कविता का रसास्वादन कीजिए।