Question:

निबंध विषय: होली
संकेत-बिन्दु:
(a) प्रारम्भ
(b) पौराणिकता
(c) उल्लास की अभिव्यक्ति
(d) साहित्य में वर्णन
(e) उपसंहार
 

Updated On: Nov 10, 2025
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Solution and Explanation

प्रारम्भ: 
भारत त्योहारों का देश है। यहाँ हर त्योहार सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। होली भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख और लोकप्रिय त्योहार है। इसे रंगों का त्योहार भी कहा जाता है।

पौराणिकता:
होली का संबंध प्राचीन पौराणिक कथाओं से है। कहा जाता है कि भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने होलिका का दहन किया। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस दिन होलिका दहन करके लोग यह संदेश देते हैं कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः अच्छाई की ही विजय होती है।

उल्लास की अभिव्यक्ति:
होली के दिन लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं। ढोल-नगाड़ों और गीत-संगीत से वातावरण आनंदमय हो उठता है। बच्चे, बूढ़े और युवा सभी इसमें भाग लेते हैं। मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं और लोग आपसी मेल-जोल और प्रेम भावना को प्रकट करते हैं।

साहित्य में वर्णन:
होली का वर्णन हिंदी साहित्य में बड़े ही रोचक रूप में मिलता है। भक्तिकाल के कवि सूरदास, कबीर और रीतिकाल के कवि बिहारी, केशव, पद्माकर आदि ने होली के प्रसंगों का सुंदर चित्रण किया है। विशेषकर ब्रज क्षेत्र की होली विश्वविख्यात है।

उपसंहार:
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाईचारे और प्रेम का संदेश देने वाला पर्व है। यह हमें भेदभाव भूलकर एकता और समानता का पाठ पढ़ाता है।

Final Answer:
होली का त्योहार आनंद, सौहार्द और प्रेम की भावना का प्रतीक है। यह हमें यह सिखाता है कि जीवन में हर्ष और मेलजोल बनाए रखना ही सच्ची खुशी है।

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